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US-Iran के बीच मध्यस्थता करने चले मुनीर-शहबाज को बड़ा झटका, तेहरान ने होर्मुज से नहीं गुजरने दिया पाकिस्तानी जहाज

 Published : Mar 25, 2026 03:58 pm IST,  Updated : Mar 25, 2026 03:58 pm IST

US-Iran War: इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध के बीच मध्यस्थता के प्रयासों में जुटे पाकिस्तान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तगड़ा झटका लगा है। ईरान ने होर्मुज से पाकिस्तानी जहाज को गुजरने देने से इनकार कर दिया।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (प्रतीकात्मक फोटो)- India TV Hindi
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (प्रतीकात्मक फोटो) Image Source : AP

Israel US Iran War: इजरायल-ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बीच मध्यस्थता करने चले पाकिस्तान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेहरान ने बड़ा झटका दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने पाकिस्तानी जहाज को कराची की ओर जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद ईरान ने उसे वापस लौटा दिया। यह पाक पीएम शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ मुनीर द्वारा ईरान-अमेरिका में मध्यस्थता के प्रयास शुरू करने के बाद तेहरान द्वारा पाकिस्तान को दिया गया पहला बड़ा झटका है। 

ईरान ने जहाज को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की नहीं दी अनुमति

ईरान के काबुल दूतावास ने एक बयान में कहा कि ईरान ने पाकिस्तान के कराची बंदरगाह जा रहे एक जहाज को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति न मिलने पर वापस मोड़ दिया। इससे पाकिस्तान की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। बता दें कि दुनिया के तेल और गैस व्यापार का लगभग एक-पांचवां हिस्सा गुजरने वाला यह महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य  पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण लगभग ठप्प पड़ा हुआ है। ईरानी दूतावास के बयान में कहा गया, “कंटेनर जहाज SELEN को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) नेवी ने कानूनी प्रोटोकॉल का पालन न करने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद उसे वापस लौटा दिया।

ईरान के नियम-कानूनों का पालन करना होर्मुज में जरूरी

आईआरजीसी के एक बयान में कहा गया, “इस जलमार्ग से किसी भी जहाज का गुजरना इस्लामिक गणराज्य ईरान की समुद्री प्राधिकरण के साथ पूर्ण समन्वय के बाद ही संभव है।” IRGC नेवी ने बाद में पुष्टि की कि जहाज कानूनी प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहा था, इसलिए उसे रोका गया। IRGC नेवी के रियर एडमिरल अलीरेज़ा तंगसीरी ने कहा कि जहाज को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति न लेने के कारण वापस मोड़ दिया गया। अब सभी जहाजों को ईरानी समुद्री प्राधिकरण के साथ समन्वय करना अनिवार्य है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब तेहरान ने युद्ध के दौरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण मजबूत करने के लिए कुछ जहाजों से 20 लाख डॉलर (लगभग 18.8 करोड़ रुपये) ट्रांजिट फीस वसूलने का फैसला किया है।

ईरान काफी जहाजों वसूल रहा ट्रांजिट फीस

ईरानी सांसद अलाउद्दीन बोरूजर्दी ने सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB से कहा, “कुछ जहाजों से 20 लाख डॉलर ट्रांजिट फीस वसूलना ईरान की ताकत को दर्शाता है। दशकों बाद अब जलडमरूमध्य में एक नया ‘सॉवरेन रिजीम’ स्थापित हो गया है।”उन्होंने कहा, “चूंकि युद्ध की अपनी लागत होती है, इसलिए स्वाभाविक रूप से हमें जहाजों से ट्रांजिट फीस वसूलनी चाहिए। 


ट्रंप ने भी शहबाज की पोस्ट को किया था प्रमोट

ईरान ने पाकिस्तान की जहाज को होर्मुज से नहीं गुजरने दिया। पाकिस्तान को यह झटका तब दिया गया, जब कुछ ही घंटे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की उस पोस्ट को ट्रंप ने रिपोस्ट किया था, जिसमें पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की पेशकश की थी। मगर ईरान ने पाकिस्तान को उसकी औकात दिखा दी है। 

दुश्मनों के अलावा होर्मुज सभी के लिए खुला

इस घटना से पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने ‘X’ पर लिखा था, “हॉर्मुज जलडमरूमध्य सिवाय उन देशों के सभी के लिए खुला है, जो हमारी जमीन का उल्लंघन करते हैं। ईरान को नक्शे से मिटाने का भ्रम हमारे खिलाफ हताशा दिखाता है। धमकियां और आतंक हमारी एकता को और मजबूत करते हैं।” 

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